शिमला की ऐतिहासिक धरोहर और दीनदयाल उपाध्याय (रिपन) सिटी हॉस्पिटल के भवन को अज्ञात लोगों ने जलाने की कोशिश की। पुराने लकड़ी के बने इस भवन के ठीक बाहर कागज और कूड़े के ढेर लगाकर मिट्टी का तेल छिड़क दिया गया।
इसके बाद आरोपी ने उसमें आग लगा दी और फरार हो गया। आरोपी इतने शातिर थे कि अपनी पहचान छिपाने के लिए वहां लगे सीसीटीवी कैमरे को स्वेटर से ढक दिया। यह घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे की बताई जा रही है। इसी दौरान वहां से मार्निंग वॉक के लिए जा रहे व्यक्ति ने इसकी सूचना सुरक्षा कर्मी को दी।
डीडीयू अस्पताल में आग लगने की घटना की शिकायत सदर थाना में की गई। इसके बाद मौके पर पुलिस टीम को कागज और कूड़े के ढेर से लकड़ी जलाने के साक्ष्य भी मिले। यह भी बताया जा रहा है कि इस घटना को अंजाम देने के लिए मिट्टी तेल का भी इस्तेमाल किया गया है।
पुलिस ने जुन्गा से फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने मौके से राख को एकत्र किया और जांच के लिए जुन्गा स्थित लैब ले गई। दूसरी ओर, यह आग अस्पताल में फैल जाती तो पूरा अस्पताल पल भर में जलकर राख हो जाता। अस्पताल के इस पुराने भवन में मौजूदा समय में मेडिसन वार्ड, सीएमओ रूम, एमएस रूम, डॉक्टर ड्यूटी रूम, ऑपरेशन थियेटर, नर्सिंग हॉस्टल और ऑफिस में डॉक्टरों का पूरा रिकॉर्ड रखा गया है।
मिट्टी तेल की आ रही थी दुर्गंध
डीडीयू अस्पताल के पुराने भवन में आग लगाकर जलाने के प्रयास का मामला सामने आया है। मौके पर से मिट्टी तेल की दुर्गंध भी आ रही थी। फोरेंसिक टीम को बुलाया गया था। टीम ने साक्ष्य जुटा लिए हैं। पुलिस भी मामले की तफ्तीश कर रही है।
- प्रमोद शुक्ला, डीएसपी हेडक्वार्टर