फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाखू मंदिर जाने के लिए सैलानियों से वसूल रहे पांच सौ रुपये

विज्ञापन
विज्ञापन
जाखू मंदिर जाने के लिए सैलानियों
विज्ञापन

से टैक्सी चालक वसूल रहे 500
एसडीएम ने निरीक्षण कर 11 टैक्सियों के काटे चालान
पैदल सफर और बंदरों का डर दिखाकर की जा रही लूट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। टूरिस्ट सीजन में हिल्स क्वीन शिमला पहुंच रहे सैलानियों से जमकर लूट की जा रही है। जाखू मंदिर जाने के लिए सैलानियों से पांच से सात सौ रुपये किराया टैक्सी चालक वसूल रहे हैं।
शिकायतें मिलने के बाद एसडीएम शहरी नीरज चांदला मंगलवार को खुद फील्ड में उतरीं। टीम के साथ जाखू मंदिर और रास्ते में कई प्राइवेट टैक्सियों की चेकिंग की। इस दौरान 11 टैक्सियां ऐसी पकड़ी गईं जिनमें सैलानियों को जाखू मंदिर ले जाया जा रहा था। सैलानियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि उनसे पांच-पांच सौ रुपये किराया टैक्सी चालक ले रहे हैं। इस पर 11 टैक्सियों के चालान काटे गए। कई टैक्सियां ओवरलोड भी मिली जिनके चालान काटे गए हैं। एसडीएम ने इस रूट पर पुलिस के जवानों को निजी टैक्सियों पर नजर रखने को कहा है ताकि सैलानियों को लूट से बचाया जा सके। शिमला आने वाले हजारों सैलानी जाखू मंदिर जरूर जाना चाहते हैं। लेकिन रिज से जाखू के लिए एक ही सरकारी टैक्सी चलती है। इसमें सीट के लिए मारामारी होती है। रोपवे से सफर काफी महंगा है। इसका फायदा उठाते हुए कई टैक्सी चालक सैलानियों से जमकर ओवरचार्जिंग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे लगाया जा रहा चूना
टैक्सी चालक रिट्ज के पास अपनी गाड़ी नहीं ला पाते। यह रिट्ज से थोड़ा दूर मंदिर जाने के रास्ते में अपनी टैक्सियां खड़ी करते हैं। यहां जो भी सैलानी पैदल मिलते हैं, उन्हें कहा जाता है कि मंदिर काफी दूर है। चढ़ाई तो चढ़नी पड़ेगी, साथ ही बंदर भी खूब लूटते हैं। ऐसे में सैलानी टैक्सी में जाने को तैयार हो जाते हैं। मंदिर के गेट पर भी टैक्सीचालकों ने ऐसे ही डेरा जमा रखा है। मंदिर जाने का रास्ता करीब चार किलोमीटर है जिसका किराया दो सौ से भी कम बनता है। एसडीएम शहरी नीरज चांदला का कहना है कि पुलिस को इस बारे में हिदायत दे दी गई है। ओवरचार्जिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें