शिमला। राजधानी में फर्जी डिग्री का एक और मामला सामने आया है। बिलासपुर का एक व्यक्ति फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर सरकारी ड्राइवर बन गया। चालक पर आरोप लगे हैं कि उसने हिमाचल पथ परिवहन निगम में शामिल होने के लिए फर्जी तरीके से दसवीं का प्रमाण पत्र बनाया। इसके बाद इसी फर्जी प्रमाण-पत्र पर चालक भर्ती में शामिल हो गया।
आरोपी मूलरूप से बिलासपुर का रहने वाला है और एचआरटीसी बस में बतौर चालक सेवाएं दे रहा है। शिकायत के आधार पर बालुगंज पुलिस ने मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। हैरानी की बात है कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति चालक के ही गांव का रहने वाला है।
पुलिस को दी शिकायत में राकेश कुमार ने आरोप लगाया गया कि आरोपी चालक ने जून 2018 में 10वीं कक्षा का फर्जी प्रमाणपत्र तैयार किया और ड्राइवर के पद पर भर्ती हो गया। आरोपी चालक ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान से दसवीं साल 2012 में पास की हुई दर्शाई है। आरोप है कि गलत तरीके से यहां से दसवीं का सर्टिफिकेट बनाया गया है। इसी आधार पर आरोपी सरकारी नौकरी में भर्ती हुआ। आरोपी ने साक्षात्कार एचआरटीसी वर्कशॉप तारादेवी में दिया था। बताया कि मौजूदा समय में आरोपी चालक जिले के एक डिपो में तैनात है। डीएसपी हेडक्वार्टर प्रमोद शुक्ला ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।