सेशन जज शिमला विरेंद्र सिंह की अदालत ने मारपीट करने और चेहरे पर तेजाब डालने के आरोपी को आरोप साबित होने पर चौदह साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। जाठिया देवी में दिसंबर 2014 में हुई इस घटना के मामले में दोषी सुखपाल को यह सजा सुनाई गई। कोर्ट ने 50 हजार के जुर्माने की सजा भी सुनाई है।
इसे अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास होगा। इस मामले में अभियोजन पक्ष की पैरवी न्यायवादी रणदीप सिंह परमार ने की। परमार ने बताया कि अदालत ने इस मारपीट की घटना में पीड़ित पिंकू के पुनर्वास के लिए दस हजार रुपये प्रतिमाह देने के लिए प्रदेश सरकार को आदेश जारी किए हैं।
इसका एचपी (विक्टिम ऑफ क्राइम) कंपनसेशन स्कीम 2012 के तहत प्रावधान है। अदालत ने पीड़ित पिंकू राम को ताउम्र उसकी इच्छा होने पर शेल्टर होम/ओल्डएज होम में रखे जाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने मारपीट और तेजाब फेंककर पिंकू को स्थायी रूप से अपंग बनाने के साथ ही मारपीट मामले में छह माह की कैद और एक हजार जुर्माने व जुर्माना अदा न किए जाने की सूरत में एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई है।
मामला 3 दिसंबर 2014 का है, जब जाठिया देवी में देवी राम ने हैंडपंप के समीप पिंकू राम को दर्द से कराहते हुए देखा। पूछने पर उसने बताया कि सुखपाल ने उसके साथ मारपीट की और उसके चेहरे पर तेजाब फेंका। उसने इसकी सूचना थाना बालूगंज पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने पीड़ित को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया और मामले की छानबीन शुरू की।
पुलिस ने क्राइम साइट प्लान तैयार किया, उसकी वीडियोग्राफी करवाई गई। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट पेश की। न्यायवादी रणदीप सिंह परमार ने बताया कि इस मामले की सुनवाई में 24 गवाहों के बयान हुए, जिसके बाद आरोपी को मामले में दोषी करार दिया गया।