कुछ समय पहले सभा का रिकॉर्ड विजलेंस ने भी लिया था लेकिन उसे बिना जांच के ही सहकारिता विभाग ने वापस मंगवा लिया था। पूंजी जमा करवाने वाले सदस्यों ने आरोप लगाया कि इसमें सभा सचिव के अलावा सहकारिता विभाग के लोग भी शामिल हैं।
पैसे का हेर फेर बिना सहकारिता विभाग के संभव नहीं है। हर साल सभा ऑडिट करवाती है तो उसमें इस घोटाले का क्यों नहीं पता चला। इस मामले में भी सहकारी सभा दियोली के एक कर्मचारी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
उधर, सभा के ऑडिट में हुए घोटाले का खुलासा होने के बाद मंगलवार को सभा का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक राजेश ठाकुर से भी मिला और उन्होंने भी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच करवाने का आश्वासन प्रतिनिधिमंडल को दिया है।
विभाग ही कार्रवाई को अधिकृत : सुरेंद्र
सभा के प्रधान सुरेंद्र सिंह का कहना है कि रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ है उस पर सहकारिता विभाग के अधिकारी ही कोई कार्रवाई कर सकते हैं। इसमें हमने जांच की मांग की थी वो सबके सामने है।
अभी रिपोर्ट नहीं पहुंची : वर्मा
एआरओ कॉआपरेटिव सोसाइटी ऊना सुरेंद्र वर्मा का कहना है कि मेरे पास अभी रिपोर्ट नहीं पहुंची है, जो भी इस मामले में लिप्त हुआ उसके खिलाफ कानून अनुसार कार्रवाई की जाएगी।