इसके बाद काफी पड़ताल के बाद परिजनों ने पुलिस थाना शाहपुर में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद छानबीन शुरू की। इसके बाद 11 सितंबर को नाबालिग को जसूर से बरामद किया गया। इस दौरान नाबालिग ने बताया कि आरोपी उसे खड्ड में ले जाकर दुष्कर्म और अप्राकृतिक रूप से दुराचार कर वहां से भाग गया।
पीड़िता के मेडिकल में इसकी पुष्टि होने के बाद आरोपी पर मामला भी दर्ज हुआ। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने हर जगह छापामारी की, लेकिन काफी समय तक उसका पता नहीं लगा। उसके बाद आरोपी का स्कैच बनाकर विभिन्न थानों में जारी हुआ। काफी मशक्कत के बाद आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया और माननीय न्यायाधीश राजेश तोमर की अदालत में मामला पहुंचा।
इस मामले की पैरवी उपजिला न्यायवादी केडी शर्मा और डीके चौधरी ने भी की। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से 29 गवाह पेश हुए और दोष सिद्ध होने पर विशेष अदालत ने दोषी को 10 साल कैद और 70 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।