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पकड़ा गया टैक्स के नाम पर 10 करोड़ का फर्जीवाड़ा

Sun, 03 Apr 2016 11:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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इनपुट टैक्स क्रेडिट के नाम पर हिमाचल के सोलन में 10 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। - फोटो : demo pic
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इनपुट टैक्स क्रेडिट के नाम पर हिमाचल के सोलन में 10 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। नालागढ़ की एक बिल्डिंग मैटीरियल प्री फेबरिकेशन के उत्पादन में जुड़े एक उद्योग ने इस फ्रॉड को अंजाम दिया है। आबकारी एवं कराधान विभाग के उड़नदस्ते (परवाणू) ने इसे पकड़ा।
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फर्म पर आरोप है कि अवैध रूप से प्रदेश के बाहर से कच्चे माल की खरीदारी कर लोकल परचेज बता दी गई। इसके बाद वैट की टैक्स रिटर्न में लोकल कच्चे सामान की खरीदारी पर मिलने वाला टैक्स लाभ हासिल किया। मंडी की कुछ फर्में भी जांच के दायरे में हैं।

शुक्रवार को आबकारी एवं कराधान विभाग के उड़नदस्ते ने दो करोड़ कर और जुर्माना ब्याज सहित लगाया। 40 लाख फर्म से वसूल लिए हैं। शेष राशि के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। उधर, उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त डा. सुनील कुमार ने कहा कि उड़नदस्ते में निरीक्षक दीप चंद, भूपेंद्र सिंह, अमित कश्यप के अलावा भजन सिंह, मोहर सिंह, बिंदु बख्शी, नंदलाल, चमन और पंकज शामिल हैं। इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ कच्चे माल की खरीद पर टैक्स छूट के नाम से मिलता है।
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यह है मामला
आरोपी फर्म ने आईटीसी का लाभ लेने को मंडी और बद्दी की दो फर्मों को चुना। इनके नाम से करोड़ों का कच्चा माल खरीदा, लिहाजा परचेज लोकल हो गई। माल बाहरी प्रदेशों से अवैध रूप से लाया गया। लोकल कच्चे माल की खरीद पर मिलने वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ रिटर्न में भर दिया और टैक्स में छूट मिल गई।

ऐसे हुआ विभाग को शक
आयुक्त के मुताबिक इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने के चक्कर में मंडी की एक फर्म से आरोपी फर्म ने करोड़ों की कच्चे माल की खरीद बता दी। यही कच्चा माल पंजाब और चंडीगढ़ में काफी सस्ता मिलता है। इस पर विभाग ने जांच शुरू की। विभाग मंडी की उस फर्म तक पहुंचा, जहां से कच्चे माल की खरीद बताई गई है। उस फर्म का इतना टर्नओवर हीं नहीं है, जितनी खरीद बता दी गई।

शिकायत करो मिलेगा इनाम
आबकारी एवं कराधान विभाग के उड़नदस्ते (परवाणू) के अधिकारियों ले लोगों से अपील की है कि टैक्स चोरी की सूचनाओं को 01792-232645 नंबर पर बताया जा सकता है। बताने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। यदि जांच में करोड़ों का फर्जीवाड़ा मिलता है तो उसी हिसाब से शिकायकर्ता को नकर पुरस्कार दिया जाएगा।
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