शिमला। राजधानी शिमला से वेबसाइट पर महिलाओं के अश्लील वीडियो और आपत्तिजनक फोटो अपलोड करने वाले जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। पुलिस ने इस मामले में जांच तेज कर दी है। पुलिस आरोपियों के आईपी एड्रेस खंगालने में जुट गई है। वेबसाइट पर महिलाओं और बच्चों के आपत्तिजनक वीडियो तथा सामग्री किन लोगाें ने डाली है इनकी तलाश पुलिस आईटी विशेषज्ञों की मदद से कर रही है।
पुलिस आईपी एड्रेस के माध्यम से प्रारंभिक जांच में पता लगाने में जुटी है कि महिलाओं और बच्चों के आपत्तिजनक वीडियो किस मोबाइल फोन और कंप्यूटर की माध्यम से वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। सितंबर में एनसीआरबी (साइबर अपराध रोकथाम) नई दिल्ली ने शिमला पुलिस को भेजी एक रिपोर्ट में खुलासा किया था कि राजधानी शिमला से कुछ अज्ञात लोग वेबसाइट पर ऑनलाइन महिलाओं तथा बच्चों के अश्लील वीडियो और आपत्तिजनक फोटो डाल रहे हैं। एनसीआरबी ने जुलाई और अगस्त माह का डाटा अध्ययन करने के बाद शिमला पुलिस को रिपोर्ट भेजकर अलर्ट किया था। इसके बाद छोटा शिमला थाने में इस पर आईटी एक्ट के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। डीएसपी सिटी दिनेश शर्मा ने बताया कि मामले की तफ्तीश जारी है। हर पहलुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है।
जुलाई और अगस्त में डाले हैं वीडियो-फोटो
एनसीआरबी ने सीडी और सामग्री का डेटा चेक करने के बाद इसका खुलासा किया है। इसमें वीडियो अपलोड करने की लोकेशन शिमला की बताई जा रही है। साइबर टिपलाइन रिपोर्ट में सामने आया है कि जुलाई और अगस्त माह में यह वीडियो लोड किए गए हैं।
शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की हैं वीडियो
महिलाओं और बच्चों की वेबसाइट पर अपलोड की यह आपत्तिजनक वीडियो शहर के अलग-अगल क्षेत्रों की हैं। हालांकि पुलिस अभी यह खुलासा नहीं कर रही है कि यह आपत्तिजनक वीडियो और फोटो शहर के किन-किन क्षेत्रों की है।
आईपी एड्रेस क्या है
इंटरनेट प्रोटोकोल एड्रेस (आईपी) हर ऑनलाइन सेवा का अलग होता है। एक व्यक्ति जब ई-मेल करता है या कोई और दस्तावेज ऑनलाइन भेजता है तो उसका आईपी एड्रेस अलग होता है। लिहाजा ऐसे में आरोपियों को पकड़ा जा सकता है। लेकिन इसमें वक्त बहुत लगता है। पुलिस का दावा है कि इस मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा।