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सस्ते पौधों के नाम पर किसान, बागवानों से लूट

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शिमला। सरकार की ओर से मुहैया करवाए जा रहे सस्ते पौधों के नाम पर किसानों-बागवानों को लूटा जा रहा है। जिले के खंड स्तरीय कार्यालयों (ब्लॉक) में इन पौधों के एवज में किसानों से मनमानी वसूली की जा रही है। नींबू, अमरूद, आम, संतरा, मौसमी के पौधे बेचने के बाद किसानों और बागवानों को न तो इसके बिल दिए जा रहे हैं और न ही रसीद। जो लोग बिल मांग रहे हैं, विभाग उन्हें टरकाने वाला जवाब दे रहा है। किसानों को कुछ दिन बाद आकर बिल लेने को कहा जा रहा है। मशोबरा ब्लॉक में भी कई किसानों से मनमानी वसूली की शिकायतें सामने आई हैं। यहां 25 रुपये का अमरूद का पौधा 35 रुपये में बेचा जा रहा है। नींबू का पौधा भी 15 की जगह 20 रुपये में बेचा जा रहा है। किसान इसका बिल मांग रहे हैं तो नहीं दिया जा रहा। कई लोग 40 से 60 किलोमीटर दूर घणाहट्टी से पौधे लेने मशोबरा ब्लॉक पहुंच रहे हैं। अब इनसे भी कहा जा रहा है कि बिल चाहिए तो बाद में आओ। लोग कह रहे हैं कि घणाहट्ी से मशोबरा आने जाने का किराया ही 150 से ज्यादा है। पूरा दिन और बर्बाद होगा। ऐसे में ज्यादातर बिना बिल के ही पौधे ले रहे हैं। उधर, विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि बिल तब देंगे, जब ब्लॉक अधिकारी टीआरएफ शीट में पैसे का ब्योरा देंगे।
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पूरे दस्तावेज के बाद ही मिलेंगे पौधे
ब्लॉक से पौधे लेने के लिए किसानों के पास आधार कार्ड, उद्योग कार्ड, किसान कार्ड या प्रधान से लिखित रूप से किसान प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। उद्यान विभाग के उप-निदेशक राजेश्वर परमार का कहना है कि पौधों का बिल देना भी अनिवार्य है।
उपनिदेशक उद्यान विभाग डॉ. जेपी शर्मा ने कहा कि किसानों को बिल एक या दो दिन के बाद मिलता है। ब्लॉक में अगर कोई अधिकारी बिना किसी बिल के किसानों को पौधे दे रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नींबू-15 से 20 रुपये
आम-40
संतरा-35
मौसमी-35
किन्नू-35
अमरूद-25
बारमासी पौधा-35
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