हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कोरोना मामले में गठित जिला निगरानी समितियों की ओर से दिए गए सुझाव पर राज्य सरकार को विचार करने को कहा है। जिलों में कोरोना संक्रमण से संबंधित मुद्दे से निपटने के लिए सुनवाई के दौरान सभी उपायुक्त व अन्य समिति के सदस्य वीडियो के माध्यम से न्यायालय के समक्ष उपस्थित थे। कोरोना से निपटने की तैयारियों के लिए संबंधित जिला आयुक्त ने भी उनके द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में उठाए गए कदमों के बारे में अदालत को सूचित किया । समितियों ने अपनी पहली रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है।
समितियों ने बढ़ी हुई बिस्तर क्षमता, बढ़ी हुई चिकित्सा सुविधाओं और कुछ मामलों में प्रस्तावित अतिरिक्त सुविधाओं बारे कोर्ट को जानकारी दी। प्रत्येक जिले की समितियों के सदस्यों के साथ विस्तृत बातचीत करने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमठ और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह इस संबंध में उपायुक्तों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करे । मामले को अगले सप्ताह अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता अशोक शर्मा व वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता अजय वैद्य से कहा गया कि वे प्रत्येक रिपोर्ट के साथ- साथ दिए गए सुझावों को देखें और उसी के अनुसार समाधान निकाले। हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कोरोना समस्या से निपटने के लिए अच्छे प्रयास किए हैं फिर भी कुछ और करने की जरूरत है। मामले पर सुनवाई 22 जुलाई को होगी।