निजी कंपनियों में महंगी गाड़ियां लगवाने पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना विमल कालरा को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कालरा ही अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर लोगों को निशाना बनाता और उनके दस्तावेजों की मदद से गाड़ियां खरीदकर गायब हो जाता। विजिलेंस के सोलन थाना में दर्ज मामलों में अभी तक उसे आरोपी बनाया गया था।
अब शिमला की विजिलेंस इकाई भी अपने यहां दर्ज मामलों में उससे बतौर अभियुक्त पूछताछ के लिए कवायद कर रही है। विजिलेंस शिमला ने कोर्ट में उसकी कस्टडी हासिल करने के लिए आवेदन किया है। माना जा रहा है कि शिमला में दर्ज मामलों के अलावा उसके खिलाफ आई अन्य शिकायतों को लेकर उससे पूछताछ और बरामदगी की जाएगी।
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने बीते सप्ताह सोलन और शिमला में कई मामले दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर ठगी के एक बड़े गिरोह का खुलासा किया था। इन पर आरोप था कि ये ठगी का गिरोह गरीब लोगों को लोन पर गाड़ियां खरीद और बाद में गाड़ी और दस्तावेज लेकर फरार हो जाता था। पीड़ितों ने पहले पुलिस के पास शिकायत की लेकिन जब वहां सुनवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच गए।
सीएम कार्यालय के निर्देश पर विजिलेंस ब्यूरो ने शिमला और सोलन में कई मामले दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। अब तक की जांच में पता चला है कि गिरोह गरीबों के नाम पर खरीदीं गाड़ियों को अपना बताकर पंजाब और हरियाणा में बेचता था। यही नहीं नशा तस्कर व नकली नोट के गोरखधंधे में शामिल गिरोहों को भी इसके कई गाड़ियां बेची हैं। विजिलेंस की शिमला और सोलन की टीमों ने अब तक 6 गाड़ियां बरामद की हैं।