फर्जी प्रमाणपत्र मामले में धर्मशाला कोर्ट से पूर्व बागवानी मंत्री सिंघी राम और स्कूल शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष बीआर राही को झटका लगा है। स्पेशल जज कोर्ट धर्मशाला ने केस को वापस लेने वाली सरकार की अपील खारिज कर दी है।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख तीन जनवरी, 2015 को मुकर्रर की है। फर्जी सर्टिफिकेट मामले में पूर्व बागवानी मंत्री सिंघीराम और स्कूल शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष बीआर राही समेत चार आरोपियों पर दर्ज केस को करीब 6 साल बाद एडवांस स्टेज पर वापस लिया जा रहा था।
प्रदेश सरकार की याचिका खारिज होने से अब चारों आरोपियों पर धर्मशाला की अदालत में मामला चलेगा। शुक्रवार को प्रदेश सरकार की याचिका खारिज कर कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए तीन जनवरी, 2015 की तारीख तय की है।
फर्जी सर्टिफिकेट मामला
वर्ष 2008 से पहले बीआर राही जब स्कूल शिक्षा बोर्ड में अध्यक्ष थे तो रामपुर से विधायक एवं बागवानी मंत्री सिंघी राम की बेटी के नाम जमा दो का फर्जी सर्टिफिकेट तैयार हुआ। इसमें 90 फीसदी अंक दिए गए। इसके आधार पर मंत्री की बेटी को दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में दाखिला मिल गया।
केस में आईपीसी की धारा 420, 468, 471 और 120 बी लगी थी और अक्तूबर 2008 में कोर्ट में चार्जशीट दायर हुई। पहली गिरफ्तारी बोर्ड के पूर्व उप सचिव एसके मल्होत्रा की हुई थी।