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Shimla News: ऋण न चुकाने पर व्यक्ति को एक साल की सजा, 2.28 लाख रुपये जुर्माना

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सोलन के व्यक्ति ने सुपरवाइजर ट्रेनिंग सेंटर भवन में पीवीसी कार्य के लिए ली थी अग्रिम राशि
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नवंबर, 2015 का संजौली क्षेत्र के नवबहार का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में सोलन निवासी अमित चौहान को दोषी करार देते हुए एक साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 2.28 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह सिहाग की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। दोषी ने सुपरवाइजर ट्रेनिंग सेंटर भवन में पीवीसी कार्य के लिए 1.50 लाख रुपये की अग्रिम राशि ली थी।
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यह मामला साल 2015 में राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता शिव कुमार पेशे से एक ठेकेदार है। उसने शहर के नवबहार में सुपरवाइजर प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण कार्य का ठेका लिया था। शिकायतकर्ता ने आरोपी को उक्त भवन में पीवीसी विनाइल फ्लोरिंग का कार्य ठेके पर दिया। आरोपी ने भी दो माह में उक्त कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया था। शिकायतकर्ता ने 23 नवंबर 2015 को 1,50,000 रुपये अग्रिम आरोपी के बैंक खाते में जमा करवाए। आरोप है कि आरोपी ने सहमति से कार्य नहीं किया तथा अग्रिम राशि वापस करने के लिए कहने पर उसने 3 मई 2016 को शिकायतकर्ता को चेक जारी किया, लेकिन बैंक खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। 15 दिनों की अवधि के भीतर कानूनी नोटिस देने के बावजूद राशि का भुगतान नहीं किया। 8 जुलाई 2016 को निर्धारित समय में कर्ज न चुकाने पर शिकायतकर्ता ने एनआई एक्ट के तहत न्यायालय के समक्ष केस दायर किया। न्यायालय में केस के दौरान दोनों पक्षों की ओर दलीलें सुनी गईं और सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते फैसला सुनाया गया है।
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