राज्य उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी की अपील की खारिज, मंडी आयोग के फैसले को रखा बरकरार
2021 में दुगलाह के पास ट्रक दुर्घटना में कंडक्टर की हो गई थी मौत, कंपनी ने मालिक के दावे को किया था खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मंडी के एक ट्रक मालिक पंकज राणा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी की अपील को खारिज कर दिया है। आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग मंडी के आदेश को बरकरार रखते हुए बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह उपभोक्ता को 18,31,500 रुपये का बीमा दावा ब्याज सहित अदा करे।
मंडी जिले के पंकज राणा के स्वामित्व वाला ट्रक वर्ष 2021 में दगुलाह के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में क्लीनर लाल सिंह की मौत हो गई थी, जबकि ड्राइवर रोहित राणा कूदकर अपनी जान बचा ली थी। ट्रक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। बीमा कंपनी के नियुक्त सर्वेयर ने नुकसान 18.31 लाख रुपये आंका था। इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दुर्घटना के समय वाहन को क्लीनर लाल सिंह चला रहा था। उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। कंपनी ने मालिक पर ड्राइवर बदलकर प्रस्तुत करने का आरोप लगाया। आयोग ने निर्णय में स्पष्ट किया कि पुलिस जांच में भी यही पाया गया कि रोहित राणा ही वाहन चला रहा था। बीमा कंपनी अपने आरोप साबित करने के लिए कोई प्रत्यक्ष प्रमाण पेश नहीं कर सकी। बीमाधारक के दिए गए कंसेंट लेटर के संबंध में आयोग ने कहा कि कंपनी ने 17 लाख रुपये का भुगतान कभी किया ही नहीं। इसलिए यह सहमति पत्र प्रभावहीन हो गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए आयोग ने बीमा कंपनी की अपील को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति इंदर सिंह मेहता और सदस्य योगिता दत्ता ने कहा कि बीमा कंपनी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती और उपभोक्ता का क्लेम सर्वेयर की रिपोर्ट के अनुसार पूर्णतया वैध है। आयोग ने निर्देश दिया कि बीमा कंपनी उपभोक्ता को 18,31,500 रुपये ब्याज सहित अदा करे। साथ ही उपभोक्ता को वाहन का आरसी/सल्वेज रद्द करवाने का भी निर्देश दिया है।