शिमला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कोर्ट नंबर-1) शिमला प्रतिभा नेगी की अदालत ने गाड़ी रोककर मारपीट करने के मामले में शिमला निवासी दो भाइयों तरुण सल्होत्रा और ईशान सल्होत्रा को बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। मामले के अनुसार, 25 मार्च 2018 को शिकायतकर्ता रोहित ने पुलिस थाना छोटा शिमला में मामला दर्ज कराया था कि रामचंद्र चौक के पास आरोपियों ने उसकी कार रोकी और लाठी-डंडों व लात-घूंसों से हमला कर दिया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323 और 34 के तहत चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पुरानी रंजिश और झूठे केस की दलील दी। अदालत ने अपने फैसले में रेखांकित किया कि घटना दोपहर करीब 1:00 बजे व्यस्त सार्वजनिक सड़क पर हुई थी जहां वाहनों और राहगीरों की आवाजाही सामान्य थी, फिर भी किसी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया। इसके अलावा डॉक्टर ने भी सख्त सतह पर गिरने से चोटें लगने की संभावना से इन्कार नहीं किया था। अदालत ने दोनों युवकों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया। संवाद