शिमला। पड़ोसी पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखने के आरोप के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। शिमला की कोर्ट नंबर 5 की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सुस्मिता शर्मा ने 16 फरवरी को दिए फैसले में तीनों को सभी आरोपों से बरी कर दिया। यह मामला शिमला शहर के एक थाने का है। वर्ष 2020 में शिकायतकर्ता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्जकर जांच शुरू की थी। पुुलिस ने शुरुआत में आईपीसी की धारा 354डी (महिला की स्टॉकिंग) के तहत एफआईआर दर्ज की। जांच के दौरान धारा 504 (जानबूझकर अपमान), 506 (आपराधिक धमकी), 509 (महिला की मर्यादा भंग करने वाले शब्द या इशारे) और 201 (सबूत नष्ट करने) को भी जोड़ा गया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष धारा 504, 506 (भाग-II) और 509 के तहत आवश्यक तत्व साबित नहीं कर सका। कोई ठोस सबूत नहीं मिला कि आरोपियों ने जानबूझकर अपमान किया, धमकी दी या महिला की मर्यादा का उल्लंघन किया। अदालत ने आरोपियों को सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। ब्यूरो