अभियोजन पक्ष सबूत पेश करने में रहा नाकाम, कोटखाई थाना में मई 2018 में दर्ज हुआ था मामला
प्राथमिक सरकारी स्कूल की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के लगे थे आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अदालत ने छात्राओं से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) विवेक शर्मा की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। यह मामला जिले के उपमंडल कोटखाई थाना क्षेत्र में 21 मई, 2018 में पंजीकृत किया गया था। स्कूल के प्रधान अध्यापक सुंदर वर्मा ने इसकी पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। आरोप लगे थे कि 16 मई को स्कूल के एक अध्यापक ने कुछ छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की है। इस बीच यौन उत्पीड़न विरोधी समिति ने पीड़ित छात्राओं के बयान लिए। इस दौरान सामने आया कि आरोपी ने स्कूल की अन्य छात्राओं से भी अश्लील हरकतें की थीं। सूचना मिलने पर पुलिस ने भी आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। उधर, आरोपों को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने 10 गवाहों की जांच की, लेकिन पर्याप्त सबूत न होने के कारण अदालत ने कोटखाई निवासी संजय को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में विफल रहा। संवाद