सदर थाना में जुलाई 2001 का मामला, दुकान में चोरी के लगे थे आरोपसंवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सत्र न्यायालय ने चोरी के एक मामले में गुजरात के व्यक्ति को दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया। इसकी पहचान राज्यगुरु ब्रिजेश कुमार निवासी 15 शिवालय जाला नगर, वेरावल जिला जूनागढ़ के तौर पर हुई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति भगचंदानी की अदालत ने यह फैसला यह सुनाया है।
मामला राजधानी के सदर थाना क्षेत्र में 4 अक्तूबर 2001 में पंजीकृत किया गया था। अभियुक्त दुकान में सेल्समैन के रूप में कार्यरत था। शिकायतकर्ता ने एसटीडी/पीसीओ दुकान से फैक्स मशीन, वीआईपी ब्रीफकेस, दवाइयां, एक चांदी का सिक्का सहित नकदी चोरी के आरोप लगाए थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी को कभी भी जांच का हिस्सा नहीं बनाया गया क्योंकि उसका पता नहीं लगाया जा सका। आखिरकार, धारा 299 सीआरपीसी के तहत आरोप पत्र दायर किया गया। आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आरोपी को 11 दिसंबर 2003 के आदेश के तहत उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद 04 अप्रैल 2024 को अदालत ने अभियुक्त को जमानत पर रिहा कर दिया था। अदालत ने सुनवाई में राज्यगुरु ब्रिजेश कुमार को निर्दोष करार देते हुए दंडनीय अपराध से बरी कर दिया है।