नगर निगम के भाजपा समर्थित पार्षदों ने भले ही मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में पार्टी से बगावत कर क्रॉस वोटिंग नहीं की हो लेकिन दिल से नए मेयर और डिप्टी मेयर को स्वीकार भी नहीं किया है। इस चुनाव के बाद भड़की सियासी चिंगारी अंदर ही अंदर सुलग रही है, इसे शांत नहीं किया तो आने वाले दिनों में और घमासान मचने के आसार हैं।
\गुरुवार को टाउन हॉल स्थित मेयर आफिस में शाम साढ़े पांच बजे हुए हवन में कई पार्षदों ने शिरकत नहीं की। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी हवन में शामिल हुए लेकिन निगम के बीजेपी समर्थित 21 पार्षदों में से महज 11 ने ही मौजूदगी दर्ज करवाई। हवन के लिए पार्षदों को फोन करके बुलाया था। बुधवार को नगर निगम के मेयर डिप्टी मेयर चुनावों में भाजपा समर्थित 21 पार्षदों ने मेयर सत्या कौंडल और डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान के पक्ष में वोटिंग की थी।
लेकिन सत्या और शैलेंद्र के जीतने के बावजूद पूर्व मेयर कुसुम सदरेट सहित अन्य भाजपा पार्षद जीत के जश्न में शामिल नहीं हुए। वीरवार को मेयर आफिस में हुए हवन में नाराजगी खुल कर सामने आ गई। नाराज पार्षदों ने नए मेयर और डिप्टी मेयर ही नहीं बल्कि संगठन और सरकार को भी बड़ा संकेत दे दिया कि वह इस फैसले से खुश नहीं।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और महापौर सत्या कौंडल ने दावा किया है कि ढाई साल के भीतर शिमला शहर को स्मार्ट सिटी बनाए देंगे। क्या ऐसी खींचतान में यह संभव है? आम जनता की ओर से यह सवाल उठाए जा रहे हैं।