शिमला। शहर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है जिससे नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। बंदर लोगों के घरों की छतों, बगीचों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लोग अपनी खिड़कियों और दरवाजों पर लोहे की जालियां लगाने को मजबूर हैं।
भराड़ी की रहने वाली छात्रा मान्या कंवर ने शिमला नगर निगम और वन्यजीव विभाग से इस समस्या के समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि शहर में बंदरों के झुंड राहगीरों और स्कूली बच्चों से सामान तथा खाने की चीजें छीन लेते हैं तथा कई बार हिंसक होकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। इस वजह से बुजुर्गों और बच्चों का घरों से अकेले निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष टीमों की तैनाती करने और ठोस वैज्ञानिक कदम उठाने की मांग की है। संवाद