प्रदेश के निजी स्कूलों की फीस कम करने के मामले पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी। अभिभावकों के सुझाव आने के बाद अब निजी स्कूलों ने भी सरकार को अपना मांगपत्र सौंपा है। प्रदेश के कुछ निजी स्कूलों ने सरकार को अपनी खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देकर फीस कम नहीं करने की मांग की है। सभी पक्षों के सुझाव और आपत्तियां आने के चलते अब शिक्षा विभाग ने दोबारा से इस बाबत मंथन शुरू कर दिया है।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संदर्भ में विस्तृत प्रस्ताव लाने को कहा है। निजी स्कूलों ने भी अपने स्टाफ को वेतन देना है। इस वैश्विक महामारी के दौर में किसी भी वर्ग पर बहुत अधिक आर्थिक बोझ न पड़े। इन सभी चीजों पर विचार करने के बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निजी स्कूल भी कई तरह के हैं। कुछ स्कूलों में फीस सामान्य है जबकि कुछ में फीस अधिक है। ऐसे में सभी पक्षों को ध्यान में रख कर योजना बनाई जा रही है।