मंडी जिले के उपमंडल सरकाघाट के सभी स्कूलों को 7 फरवरी तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। स्कूल खुलने से दो दिन पहले शनिवार को सरकाघाट क्षेत्र में एक साथ 41 शिक्षकों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय की तरफ से यह आदेश जारी हुए हैं। साथ में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि 7 फरवरी तक ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। अध्यापक स्कूलों में पहले की तरह आएंगे। ऐसे अध्यापक जिनमें बुखार, सर्दी, खांसी के लक्षण होंगे, स्कूल आने की छूट दी गई है। इसकी पुष्टि शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने की है।
उधर लाहौल-स्पीति जिला कोरोना मुक्त हो गया है। जिले में 12 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। प्रदेश में लाहौल-स्पीति जिला सबसे पहले कोरोना मुक्त हुआ है। 29 जून को इस जिले में कोरोना संक्रमण के 2 मामले आए थे। दिसंबर में यहां कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या 1241 पहुंच गई थी। इस जिले में एक गांव ऐसा भी है, जहां एक व्यक्ति को छोड़कर गांव के सभी लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए थे।
हिमाचल प्रदेश में रविवार को 39 कोरोना पॉजिटिव मामले हैं। मंडी 21, सोलन 7, शिमला 6, कांगड़ा 3, सिरमौर, ऊना में एक-एक मामला है। कोविड अस्पताल नेरचौक में रविवार को सरकाघाट क्षेत्र के 20 और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इन्हें स्वास्थ्य विभाग ने होम क्वारंटीन कर दिया गया है।
रविवार को मंडी जिला के सुंदरनगर से 01, प्राथमिक स्कूल खनौट, बस्सी, भांबला, सुलपुर, जबोठ, सुनेहरवीं और बलद्वाड़ा से 20 नए मामले सामने आए हैं। सीएमओ मंडी डॉ. देवेंद्र शर्मा ने पुष्टि की। जिला में काफी अरसे बाद एक दम से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। फिर भी इससे घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है, और किसी भी चुनौती से निपटने को तैयार है।
वहीं इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में कोरोना वायरस पीड़ित एक मरीज की मौत हो गई है। कोरोना काल के बाद यह पहला मौका है कि 22 दिनों बाद जिला शिमला में कोरोना पीड़ित मरीज की मौत हुई है। रामपुर सराहन के रहने वाले 68 वर्षीय मरीज को 22 जनवरी आईजीएमसी लाया गया था। यह मरीज आइसोलेशन वार्ड में दाखिल था। मरीज को किडनी की बीमारी के अलावा कोविड निमोनिया भी था।