वहीं, नाहन शहर के गोविंदगढ़ मोहल्ला में सामुदायिक संक्रमण फैलने के खतरे के मद्देनजर शनिवार को संपूर्ण लॉकडाउन रहा। लोग घरों से नहीं निकले। बाजारों में सन्नाटा दिखा। प्रशासन की ओर से लगाए गए दो दिन के लॉकडाउन के दौरान भीड़ से खचाखच भरा रहने वाला नाहन का बड़ा चौक और दिल्ली गेट सूना दिखा। हालांकि, इक्का-दुक्का लोग दवाइयां लेने या फिर सिलिंडर लेने के लिए बाजार में जरूर देखे गए।
जिला प्रशासन ने नाहन और ददाहू शहर को दो दिन के लिए लॉकडाउन कर दिया है। गोविंदगढ़ मोहल्ला में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया। लॉकडाउन के दौरान सुबह सात से नौ बजे तक डेयरी की दुकानें ही खुली रहीं। दवाइयों की दुकानें खुली रहीं। बाजार में इक्का-दुक्का लोग मेडिकल इमरजेंसी के चलते बाजारों को पहुंचे। उन्हें भी पुलिस पूछताछ का सामना करना पड़ा। पांवटा से शिमला या शिमला से पांवटा की ओर जाने वाले लोगों को यशवंत चौक से गुन्नूघाट होते हुए सर्कुलर रोड से भेजा गया।
बाजार आने वालों से हुई कड़ी पूछताछ
दिल्ली गेट के समीप पुलिस गुमटी के समीप से एक स्कूटी सवार गुजरा। वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने स्कूटी सवार को रोका और जांच पड़ताल की। पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद ही उसे आगे जाने दिया गया। डीएसपी परम देव ने बताया कि पूरा शहर सील है। शिमला रोड, दो सड़क, दिल्ली गेट, यशवंत चौक समेत शहर में जगह-जगह नाके लगाए गए हैं।
रानीताल में टूट गए बैरिकेट्स
कंटेनमेंट जोन बनाए गए रानीताल इलाके में लगाए गए लोहे और लकड़ी के एंगलों के बैरिकेट्स टूट गए हैं। यह किसी शरारती तत्वों ने तोड़े या फिर लावारिस पशुओं ने, इसका पता नहीं चल पाया है। डीएसपी ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में 24 घंटे पुलिस अपनी ड्यूटी कर रही है। कोई बाहर नहीं आ सकता और न ही कोई अंदर जा सकता है।