फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ी लापरवाही: 15 कोरोना संक्रमितों को निगेटिव बताकर भेज दिया घर, सरकार ने मांगी रिपोर्ट

Thu, 28 May 2020 09:06 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हिमाचल के जिला प्रशासन हमीरपुर और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुंबई से लौटने के बाद भोरंज के ढुंगरी में संस्थागत क्वारंटीन 15 लोगों को बुधवार दोपहर बाद 4 बजे को यह कहकर घर भेज दिया कि उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव है। जबकि उनकी रिपोर्ट देर रात आई। यह सब अधिकारियों की लापरवाही, रिपोर्ट ढंग से न पढ़ने से हुआ।

विज्ञापन


जब शिमला से उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। जैसे ही उपायुक्त हमीरपुर को इसकी जानकारी लगी जो उन्होंने सीएमओ समेत जिले के तमाम एसडीएम को फोन किया। आनन-फानन में देर रात को ही सभी 15 लोगों को एंबुलेंस में डालकर कोविड सेंटर हमीरपुर शिफ्ट किया। यह सिलसिला देर रात करीब 3 बजे तक चलता रहा। उधर, एसीएस हेल्थ आरडी धीमान ने जिला प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांग ली है। 

गुरुवार सुबह उपायुक्त हमीरपुर ने इस मामले पर जांच बिठाई और सीएमओ को जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। इसके साथ ही स्वास्थ्य महकमे ने भी जांच शुरू कर दी है। वीरवार सुबह पत्रकार वार्ता में उपायुक्त हमीरपुर हरिकेश मीणा ने बताया कि 18 और 19 मई को मुंबई से श्रमिक ट्रेन में हमीरपुर के 167 लोग आए, जिन्हें जवाहर नवोदय विद्यालय डुंगरी में संस्थागत क्वारंटीन किया।
विज्ञापन


 

19 मई को सभी के सैंपल लिए। 21 मई को पहली रिपोर्ट आई, जिसमें 31 पॉजिटिव आए, जबकि 136 निगेटिव निकले। निगेटिव को भी घर नहीं भेजा ताकि दोबारा सैंपल ले सकें। जिनकी पहले रिपोर्ट निगेटिव आई थी, उनके समेत कुल 176 सैंपल 24 व 25 मई को दोबारा पालमपुर और शिमला भेजे। अगले दिन 122 की रिपोर्ट आई, जिनमें 7 पॉजिटिव निकले।

अन्य सैंपल की रिपोर्ट पैंडिंग थी। इसमें बड़ी बात यह थी कि जिनकी रिपोर्ट पहले निगेटिव थी, वे भी पॉजिटिव निकले। शेष की 26 मई को रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद दियोटसिद्ध, हमीरपुर और जेएनवी में रखे 115 लोगों में 43 लोग घर भेज दिए, लेकिन वार्तालाप में कमी से इनमें 15 लोग पॉजिटिव थे। उपायुक्त ने कहा कि इस मामले कहां चूक हुई, इसकी जांच की जाएगी।
विज्ञापन

कोरोना संक्रमितों के घर पहुंचने से बढ़ी परिवार की दिक्कतें, लिए जाएंगे सैंपल

मुंबई से घर लौटे पंद्रह कोरोना संक्रमितों को घर भेजकर प्रशासन ने बड़ी मुसीबत मोल ली है। बुधवार दोपहर बाद प्रशासन ने कोरोना संक्रमितों को निगेटिव समझकर घर भेज दिया। प्रत्येक कोरोना संक्रमित व्यक्ति 8 से 10 घंटे अपने परिवार के बीच रहा। इस दौरान उन्होंने भोजन खाया और शौचालय इत्यादि का प्रयोग भी किया। हालांकि, प्रशासन ने उन्हें 14 दिन तक गृह संगरोध में रहने के सख्त आदेश दिए थे, लेकिन कहीं न कहीं ये लोग अपने आप को निगेटिव मान कर घर में घुसे थे।

अब प्रशासन सभी संक्रमितों के परिवार के सदस्यों के भी सैंपल लेने जा रहा है। इसके लिए संबंधित एसडीएम को बड़ी जिम्मेवारी सौंपी गई है। एसडीएम स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल बैठाकर कोरोना संक्रमितों के प्राथमिक संपर्क को तलाशने में जुट गया है। प्राथमिक संपर्क में आए सभी लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे जाएंगे। एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान ने भी गति पकड़ ली है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में तालमेल की कमी
जिला हमीरपुर कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। यहां जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में तालमेल की कमी के कारण यह महामारी और गंभीर होती दिख रही है। जिले से टेस्टिंग के लिए जाने वाले सैंपल और उनकी टेस्ट रिपोर्ट को लेकर आए दिन मतभेद सामने आ रहे हैं। इससे पूर्व डॉ. राधा कृष्णन राजकीय मेडिकल कालेज हमीरपुर के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन भी कोविड-19 अस्पताल भोटा में खामियों को उजागर कर चुका है। जिला कोविड-19 केयर सेंटर डुग्घा में आइसोलेट एक कोरोना संक्रमित ने भी सेंटर में भोजन, पानी और साफ-सफाई को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें