मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को शिमला और बिलासपुर जिलों की विभिन्न ग्राम पंचायतों के पंचायत प्रधानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से लड़ने के लिए सरकार को अपना पूरा समर्थन प्रदान करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी जरूरतमंदों और गरीबों को फेस मास्क और भोजन उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अधिकांश पंचायतों ने लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने और घरों से बाहर जाने के दौरान फेस मास्क और फेस कवर का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने में भी बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से कहा कि वे भी सुनिश्चित करें कि प्रवासी मजदूरों के पास खाने के लिए भोजन और रहने के लिए आश्रय भी हो।
हिमाचल में इस वजह से बढ़ कोरोना संक्रमितों की संख्या, सीएम ने मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के लिए 40,000 करोड़ अतिरिक्त धनराशि प्रदान की गई है, जो निश्चित रूप से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक बुनियादी ढांचे में सुधार के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के लिए पैकेज के बारे में घोषणाओं से राज्य में कोविड-19 के बाद के औद्योगिक क्षेत्र में भी मदद मिलेगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार को देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हजारों हिमाचली लोगों से ‘एसओएस’ संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें वापस लाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कारण से राज्य में कोरोना रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी और रोकथाम ही एकमात्र उपाय है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया है कि उत्तर पूर्वी राज्यों में फंसे हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लोगों को घर वापस लाने के लिए सामूहिक रेल शुरू करने के लिए समन्वय स्थापित करें। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लिखे पत्र में जयराम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण उत्तरी पूर्वी राज्यों में हिमाचल प्रदेश के लगभग 250 लोग फंसे हुए हैं, जिसमें प्रवासी मजदूर, तीर्थ यात्री, पर्यटक और छात्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह हरियाणा और पंजाब के लोग भी इन राज्यों में फंसे हुए हैं।
सड़क से जाना संभव नहीं, रेल के करें संयुक्त प्रयास
उत्तरी पूर्वी राज्यों से हिमाचल प्रदेश तक सड़क मार्ग से पहुंचना संभव नहीं है, इसलिए पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश को इन राज्यों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सामूहिक रेल चलाने के लिए संयुक्त प्रयास करने चाहिए। सीएम ने कहा कि हिमाचल सरकार आनुपातिक आधार पर रेल किराये का खर्च वहन करने के लिए तैयार है। जयराम ठाकुर ने कहा कि उत्तरी पूर्वी राज्यों में फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए रेल उपलब्ध करवाने के मामले को भारतीय रेलवे के साथ संयुक्त रूप से उठाया जाना चाहिए।