फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वायरस: इटली के रोम में फंसे तीन हिमाचली समेत 200 भारतीय

Sat, 25 Apr 2020 12:25 PM IST
Krishan Singh सरोज पाठक, अमर उजाला, बिलासपुर
विज्ञापन
रोम- फाइल फोटो
विज्ञापन

इटालियन फ्लैग शिप कंपनी के कोस्टा क्रूज लाइन के 200 भारतीय क्रू सदस्य रोम में फंसे हैं। इनमें हिमाचल के भी तीन सदस्य शामिल हैं। शिप में सभी देशों के 1200 क्रू सदस्य फंसे थे, लेकिन सभी देश अपने नागरिकों को घर पहुंचा चुके हैं, लेकिन भारत के 200 नागरिक वहीं फंसे हैं। अभी भारतीय नागरिक भारत सरकार से वापस भारत लाने की गुहार लगाने की मांग कर रहे हैं। 

विज्ञापन


दरअसल, सभी नागरिक पिछले एक महीने से इटली के प्रमुख शहर रोम में फंसे हैं। इसके बारे में भारत सरकार को भी 20 दिन पहले अवगत करवाया गया था। वहीं, देश के केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री को भी मेल भेजकर उक्त दो सौ नागरिकों को भारत लाने की बात कही गई थी। हालांकि अनुराग ठाकुर ने मेल पर संज्ञान लेते हुए भारतीय दूतावास से बात की और इटली में फंसे हुए नागरिकों को भारत लाने के लिए हामी भी भरी।

लेकिन, वैश्विक महामारी कोरोना के चलते देश भर में लॉकडाउन के कारण भारत सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। हालात यह है कि सरकार की विवशता कहीं 200 नागरिकों की जिंदगी पर भारी न पड़ जाए।  बताते चलें कि इस शिप में अनुराग ठाकुर के संसदीय क्षेत्र के भी तीन युवक फंसे हैं। इनमें एक बिलासपुर और दो कांगड़ा के हैं। इन नागरिकों का कहना है कि शिप पर 1200 के करीब क्रू सदस्य थे। लेकिन सभी देशों की सरकारों ने अपने नागरिकों को वापस बुला लिया। केवल भारत सरकार ही अपने 200 नागरिकों के प्रति सकारात्मक रवैया नहीं अपना पा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

निजी विमान नागरिकों को भारत भेजने को तैयार 

हालांकि कंपनी ने अपना निजी विमान नागरिकों को भारत भेजने के लिए तैयार रखा है। कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए हर जिम्मेदारी पूरी कर रही। लेकिन भारत सरकार की अनुमति न मिलने से सभी दो भारतीय घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

मामला मेरे संज्ञान में है। हम देश के नागरिकों को लेकर काफी चिंतित हैं। उन्हें देश में लाने के लिए भारतीय दूतावास से बातचीत की है । जैसे ही हवाई सेवाएं शुरू होंगी, सभी नागरिकों को सर्वप्रथम भारत लाया जाएगा। -अनुराग ठाकुर, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें