हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह में चार जमातियों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन ने पंचायतों को सील कर दिया है। वहीं पंचायतों के लोगों ने एहतियात के तौर पर सभी रास्तों को बंद कर दिया है। यहां पर लोगों ने बोर्ड लगा दिए हैं कि कोई न ही पंचायतों में आएगा और न ही पंचायत का कोई बाशिंदा बाहर जाएगा।
ग्राम पंचायत खजुआ और भराड़ा के ग्रामीणों ने पंचायतों के रास्तों को बंद करके फोटो सोशल मीडिया में शेयर की है, जिससे कि अन्य पंचायतों के लोग भी इससे प्रेरणा लेकर ऐसा ही करें। ग्रामीणों में ऐसी जागरूकता देखकर प्रशासन को भी पंचायतों में लोगों को घर के भीतर रखने में कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ रही है।
ग्रामीण प्रशासन के आदेशानुसार काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रशासन इन पंचायतों को बहाल करने का आदेश नहीं देगा, तब तक ग्रामीण पंचायतों में ही रहेंगे। इसके साथ ही पंचायतों में किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं घुसने देंगे, क्योंकि कोरोना महामारी से लड़ाई जीतने के लिए ऐसा करना अनिवार्य है।
भराड़ा पंचायत निवासी सुरेंद्र शर्मा, लेखराज, प्रेम लाल, हरी सिंह, पवन कुमार, खेमराम, डुम राम और मुसद्दी राम ने बताया कि भराड़ा पंचायत के लोगों ने निर्णय लिया है कि प्रशासन की अनुमति के बिना उनकी पंचायत में कोई भी बाहरी व्यक्ति आएगा, तो इसके बारे में प्रशासन को सूचित किया जाएगा।
एसडीएम तीसा हेमचंद वर्मा ने बताया कि प्रशासन के आदेश पर क्षेत्र को सील कर दिया गया है। इसके तहत पुलिस विभाग ने जगह-जगह नाके लगाए हैं। पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण भी कोरोना के खिलाफ छेड़ी गई लड़ाई में सहयोग कर रहे हैं। इसके तहत भराड़ा और खजुआ में लोगों ने पत्थरों से रास्ते बंद कर गांव में प्रवेश पर पाबंदी के बारे में भी लोगों को आगाह कर दिया है।