कोरोना वायरस के संक्रमण को हिमाचल प्रदेश में आने से रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने सभी शक्तिपीठों और सिद्ध पीठों के मंदिरों के कपाट बंद करने के आदेश किए हैं। इसके चलते बाबा बालक नाथ की तपोस्थली स्थित मंदिरों के कपाट बुधवार सुबह आठ बजे बंद कर दिए गए। सिद्ध पीठ में पहले से आये हुए श्रद्धालुओं ने आठ बजे तक दर्शन किए। इसके पश्चात मंदिरों के मुख्य द्वार को बंद कर दिया।
उधर मेला अधिकारी मुलतान सिंह वनियाल ने बताया कि बीते दिनों से मंदिर सुनसान पड़े हैं। बाहरी राज्यों से कोई भी श्रद्धालु बाबा बालक नाथ मंदिर परिसर में नहीं आ रहे थे लेकिन एहतियात के तौर पर शाहतलाई के मंदिरों के कपाट बुधवार को आठ बजे बंद कर दिए। मंदिरों के यह कपाट 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं लेकिन मेला प्रबंधों के लिए जो व्यवस्थाएं की गई हैं वह उसी तरह चलती रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था, लंगर व्यवस्था व सफाई व्यवस्था को जारी रखा गया है। मंदिरों में पूजा-अर्चना की जाएगी।
श्रद्धालु मंदिरों के मुख्य द्वार पर ही शीश झुकाकर वापस जा रहे हैं। बाबा जी के श्रद्धालुओं पंडित रवि कुमार, सुरेंद्र शर्मा, नरेश कुमार, देशराज, वलबीर सिंह, विकास कुमार, शुभम शर्मा का कहना है कि पहले कोरोना वायरस जैसे महामारी से बचाव जरूरी है। बाबा जी को हम इस वर्ष अपने घर से ही मन्नत मांग लेंगे जो उन्हें मंजूर होगी, अगर जिंदगी रही तो महामारी के वायरस का असर देश से समाप्त हो जाएगा।
उसके बाद फिर बाबा जी की तपोभूमि पर आकर अपनी अरदास बाबा से मांग लेंगे। इस समय हमारी बाबा से यही अरदास है कि इस महामारी को देश से भगाएं। हम देशवासियों के स्वास्थ्य की बाबा जी से अरदास करते हैं।