हिमाचल प्रदेश में 17 मई से शुरू हो रहे तीसरे चरण के तहत 18 से 44 आयु वर्ग के लिए कोरोना वैक्सीन की डोज सप्ताह में दो दिन केवल सोमवार और गुरुवार को लगेगी। लाभार्थी का टीकाकरण शेड्यूल हर निर्धारित तिथि से दो दिन पूर्व कोविन पोर्टल पर दिखेगा। मई में इस आयु वर्ग के लिए टीकाकरण कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। इसके तहत पांच दिन 17, 20, 24, 27 और 31 मई को इस आयु वर्ग के लाभार्थियों का टीकाकरण होगा। अगले महीने की तिथियों और समयसारिणी बाद में निर्धारित की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि 17 मई को जिन लोगों का टीकाकरण होगा, उनका शेड्यूल 15 मई को पोर्टल पर दिखेगा।
बिना पंजीकरण करवाए टीकाकरण नहीं होगा। असुविधा और भीड़भाड़ से बचने के लिए लाभार्थी निर्धारित पंजीकरण और समय के अनुसार ही टीकाकरण केंद्र पर जाएं। 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग और प्राथमिकता वाले वॉरियर्स का टीकाकरण आपस में प्रभावित न हो, इसके लिए केंद्रों में अलग-अलग लाइनें लगाकर टीकाकरण का निर्णय लिया है। उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों से भी टीकाकरण केंद्रों में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। सीरम संस्थान पुणे से कोविशील्ड वैक्सीन की 1,07,620 डोज मिल गई हैं।
ये हैं प्राथमिकता वाले समूह
बैंक व वित्तीय सेवाएं कर्मचारी, कोविड ड्यूटी देने वाले शिक्षक, हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक, परिचालक, पेट्रोल पंप संचालक, पीडीएस डिपो धारक, केमिस्ट, लोकमित्र केंद्रों के कर्मचारी, बच्चों की देखभाल करने वाले संस्थानों के कर्मचारी और फार्मा उद्योग के कर्मचारी कोविड टीकाकरण के लिए प्राथमिक समूहों में शामिल हैं। इन विभागों के संबंधित कर्मचारी स्वयं को अपने विभाग से प्रमाणित करवाकर प्राथमिकता समूह में टीकाकरण करवा सकते हैं।
कोरोना में ड्यूटी के बाद स्वास्थ्य कर्मियों का क्वारंटीन होना जरूरी
उधर, कोविड-19 में ड्यूटी देने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों को क्वारंटीन न करने के फैसले का रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने विरोध किया है। एसोसिएशन का कहा कि कोविड-19 में ड्यूटी देने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों का क्वारंटीन होना जरूरी है। कहा कि स्वास्थ्य कर्मी एक साल से कोरोना महामारी में पूरा योगदान दे रहे हैं। पीपीई किट में ड्यूटी देना उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से थका रहा है। सरकार ने भले ही अधिसूचना में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दो वैक्सीन लगाने की बात कही है, लेकिन उसके बाद भी कई स्वास्थ्य कर्मी कोविड पॉजिटिव आ रहे हैं।
बड़ी बात यह है कि स्वास्थ्य कर्मियों को दो डोज वैक्सीन लग गई है, लेकिन उनके परिवार को वैक्सीन नहीं लगी है। इससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अंकुर गौतम व सचिव डॉ. सचिन शर्मा ने कहा कि सरकार ऐसे समय में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करने के बजाय ऐसी अधिसूचना से मनोबल तोड़ने का कार्य कर रही है। सरकार ने यह अधिसूचना वापस न ली तो प्रदेश के अन्य चिकित्सक संघों के साथ विरोध करना पड़ेगा। कहा कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री इस मामले में हस्तक्षेप कर पुनर्विचार कर अधिसूचना को वापस लेकर कोरोना योद्धाओं का मनोबल बढ़ाएं।