बाबा बालक नाथ मंदिर से लौटते श्रद्धालु
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कांगड़ा जिले की शक्तिपीठ ज्वालाजी और बज्रेश्वरी देवी समेत उन मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैंं, जिनमें ज्यादा भीड़ जुटती है। बैजनाथ के सभी मंदिरों के कपाट मंगलवार से बंद कर दिए गए हैं। चामुंडा नंदिकेश्वर धाम मंदिर को भी के लिए बंद कर दिया गया है।
उधर, हमीरपुर में बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध के कपाट आगामी आदेशों तक बंद कर दिए गए हैं। मंदिर में पूजा-अर्चना ही होगी। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। डीसी हमीरपुर हरिकेश मीणा ने इसकी पुष्टि की है। इसी तरह शिमला के सराहन स्थित भीमाकाली मंदिर, श्रीकोटी मंदिर को भी बंद कर दिया गया है।
बगलामुखी माता मंदिर के कपाट भी मंगलवार को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। मंदिर अधिकारी पवन बडियाल ने इसकी जानकारी दी । उन्होंने बताया कि यह फैसला कोरोना वायरस को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार के आदेशानुसार मां बगलामुखी मंदिर में हवन और दर्शन सभी श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए हैं।
बगलामुखी मंदिर के ब्राह्मणों ने विश्व शांति के हवन किया। इस दौराना माता से इस महामारी से विश्व को निजात दिलाने की कामना की गई। बगलामुखी देवी का श्रृंगार, आरती और पूजा पूर्व की तरह होती रहेगी।
वहीं, कुल्लू के ढालपुर मैदान में 11 अप्रैल को प्रस्तावित एमएमए प्रतियोगिता को कोरोना वायरस के विश्वव्यापी प्रकोप और इस पर सरकार की ओर से जारी दिशानिर्देशों के बाद कुछ दिनों के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं बिलासपुर जिले में स्थित प्रमुख शक्तिपीठ श्री नयना देवी मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए गए हैं। मंगलवार को मंदिर में दर्शनों के लिए पहुंचे सैकड़ाें श्रद्धालुओं को निराश होकर लौटना पड़ा