मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत प्रतिनिधियों, आशा वर्करों आदि के माध्यम से विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी न हो। इस बात पर विशेष ध्यान होगा।
कम से कम राज्य मेें 200 बेड वाले अस्पतालों में सबमें ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी। ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे। ऑक्सीजन कंसेंटरेटर वहां लगाए जाएंगे, जहां लो ऑक्सीजन की जरूरत है। बाकी सिलिंडरों का प्रबंध तो रहेगा ही। ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता लोगों को भी इसकी आपूर्ति ठीक से हो।
कई ब्लॉकों में शुरू किए रैपिड टेस्ट
कई ब्लॉकों में रैपिड टेस्ट भी शुरू किए गए हैं। शिमला जिला में ये मत्याना और कोटखाई ब्लॉक में आरंभ किए गए हैं। मत्याना ब्लॉक की कमाह पंचायत में 83 लोगों के रैपिड टेस्ट किए गए। इनमें से 11 पॉजिटिव आए हैं। रैंडम सैंपलिंग के रूप में यह सिलसिला पूरे प्रदेश में चल रहा है।