हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड हमीरपुर स्टाफ नर्सों की चयन प्रक्रिया को लेकर विवादों के घेरे में है। साक्षात्कार से बाहर हुईं अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। बीएससी नर्सिंग में प्रदेश विश्वविद्यालय की टॉपर को साक्षात्कार से बाहर कर दिया गया है।
लिखित परीक्षा में कितने अंक दिए गए, इसकी जानकारी देने से भी बोर्ड इनकार कर रहा है। बोर्ड ने 261 पद भरने को लिखित परीक्षा ली थी। इसमें 783 उम्मीदवार उत्तीर्ण घोषित किए गए। इसके बाद साक्षात्कार को बुलाया गया। एक सीट के लिए तीन अभ्यर्थियों में कंपीटीशन था।
मिल चुका है गोल्ड मेडल
अब आरोप लगाए जा रहे हैं कि साक्षात्कार में उन अभ्यर्थियों को भी बाहर कर दिया गया, जो बीएससी नर्सिंग पास थीं। कुछ ऐसे अभ्यर्थियों के चयन का आरोप है, जिन्होंने 12वीं कक्षा आर्ट्स में की है। बुधवार को बोर्ड की ओर से स्टाफ नर्स का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है।
साक्षात्कार से बाहर हुईं हेमलता शर्मा ने सिस्टर निवोदिता कॉलेज से प्रथम श्रेणी में बीएससी की है। बेहतरीन शैक्षणिक रिकॉर्ड और यूनिवर्सिटी स्तर पर इन्हें गोल्ड मेडल से नवाजा गया है। इन्हें भी साक्षात्कार से बाहर कर दिया गया। एक और अभ्यर्थी मीनू को भी साक्षात्कार प्रक्रिया से बाहर किया गया है।
अंकों की जानकारी देने से किया इनकार
हेमलता ने कहा कि लिखित परीक्षा में किस अभ्यर्थी ने कितने अंक लिए, इस बारे में बोर्ड ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। आरोप है कि अगर बोर्ड ने बिना पक्षपात के रिजल्ट निकाला है तो उन्हें लिखित परीक्षा में आए नंबर बताने में ऐतराज क्यों है? उधर, बोर्ड के चेयरमैन जेके चौहान ने कहा कि परीक्षा परिणाम में पूरी पारदर्शिता बरती गई है।
लिखित परीक्षा के 200 अंकों की थी और साक्षात्कार 30 अंकों का था। बोर्ड पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। लिखित परीक्षा का परिणाम बोर्ड की वेबसाइट पर दो हफ्ते में आ जाएगा। अगर किसी को संदेह है तो वह आरटीआई के तहत लिखित परीक्षा का परिणाम अंकों सहित ले सकता है।