एबीवीपी नेता बोले, बेबुनियाद आरोप लगा रही है एसएफआई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में छात्र संगठनों के बीच दीवारों पर लिखे नारे मिटाने के मामले पर विवाद हो गया है। रविवार देर रात परिसर की एक दीवार पर एसएफआई के लिखे संदेशों और नारों पर किसी ने काला रंग पोत दिया। घटना के तुरंत बाद एसएफआई ने आरोप लगाया कि यह एबीवीपी कार्यकर्ताओं की करतूत है।
एसएफआई के इकाई अध्यक्ष योगी ने कहा कि जिस वॉल पेंटिंग को निशाना बनाया गया वह संगठन की लोकतांत्रिक और प्रगतिशील सोच का प्रतीक थी। संगठन के नेताओं का आरोप है कि यह कदम सिर्फ दीवार पर रंग पोतना नहीं बल्कि बहस, तर्क और विचारों पर आधारित छात्र राजनीति को कमजोर करने की कोशिश है। उनका कहना है कि एचपीयू की छात्र राजनीति पारंपरिक रूप से संवाद, वाद-विवाद और समान अधिकारों की मांग के आधार पर विकसित हुई है लेकिन हाल के वर्षों में वातावरण में असहिष्णुता बढ़ती दिख रही है। देर रात की यह घटना छात्रों में अविश्वास बढ़ाती है और एक शैक्षणिक संस्थान में आवश्यक शांति तथा स्थिरता को प्रभावित कर सकती है। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। वहीं एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष अक्षु ठाकुर ने बताया कि एसएफआई बेबुनियाद आरोप लगा रही है। रात के समय हुई इस घटना में कुछ लड़कियों की भागेदारी पाई गई है, इसमें एबीवीपी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं है।