कर्मचारियों ने पेट पर चुन्नी बांधकर जताया विरोध।
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा कर्मियों और आईजीएमसी प्रबंधन के बीच जय हिंद बोलने पर उपजा विवाद बढ़ता नजर है। आईजीएमसी में कार्यरत सुरक्षा कर्मचारियों ने समय पर मानदेय नहीं मिलने पर विरोध जताया। कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप अस्पताल में पेट पर चुन्नी बांधकर अपना रोष व्यक्त किया है। यूनियन के महामंत्री प्रवीण शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर मानदेय नहीं मिलता है। इससे समस्त सुरक्षा कर्मचारियों को परिवार पालना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मांग की है कि कर्मचारियों को समय पर मानदेय दिया जाए।
आईजीएमसी एमएस के पक्ष में उतरा कर्मचारी महासंघ
वहीं, आईजीएमसी कर्मचारी महासंघ के नवनियुक्त अध्यक्ष हरिंद्र मेहता और कार्यकारिणी सदस्यों ने जय हिंद कहने को लेकर हुए विवाद पर एमएस का समर्थन किया है। मेहता ने कहा कि सुरक्षा कर्मी एमएस की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले दिनों अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने आरोप लगाया था कि एमएस ने उन्हें जय हिंद बोलने से मना किया है। इसके बाद से यह मामला गरमाया हुआ है। वहीं अस्पताल के एमएस ने कहा कि इस शब्द को बोलने से उन्होंने मना नहीं किया है। अब जब मामला गरमाया तो कर्मचारी संघ एमएस के पक्ष में उतर गया।
संघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष कल्पना रचियक, महासचिव हनीश ठाकुर, उपप्रधान भारत गुप्ता, सयुंक्त सचिव रंजीत कुमार सिंह, प्रेस सचिव सन्नी चौहान और कार्यकारिणी सदस्य अनिल जीशटू, ब्रिज भूषण शर्मा, भवनेश कुमार, नर्सिंग संघ की अध्यक्ष शीतल, महासचिव ममता भारद्वाज, डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष अरविंद पाल ने कहा कि सुरक्षा कर्मी जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं वह गलत है। अस्पताल के एमएस डॉ. राहुल राव को प्रशासनिक सेवाओं का अनुभव है वह मरीजों की सेवा के लिए हमेशा आगे रहे हैं। संघ के अध्यक्ष ने बताया कि बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाने के आदेश उच्च न्यायालय के हैं जोकि सभी कर्मचारियों पर लागू हैं। आईजीएमसी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हरिन्द्र सिंह मेहता ने कहा कि इस बारे में सुरक्षा कर्मियों से बात की है वह जल्द ही इस मामले पर एमएस के साथ बात करेंगे।