प्रदेश अनुबंध अध्यापक संघ ने सरकार से अनुबंध अध्यापकों के नियमितीकरण में आड़े आ रही 31 मार्च की शर्त को हटाने की मांग की है। इनका कहना है कि आश्वासन मिलने के बावजूद अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।संघ के उपाध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सितंबर में होने वाली कैबिनेट की बैठक में सरकार को नियमितीकरण का तोहफा देना चाहिए।
उन्होंने कहा इस प्रक्रिया में और देरी होती है तो पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते मामला जनवरी 2016 तक लटक जाएगा। इससे प्रदेश में कार्यरत सभी अनुबंध कर्मचारियों को बड़ा झटका लगेगा, जिन्होंने पांच साल का सेवाकाल पूरा कर लिया है और नियमितीकरण की राह देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई विभागों में 31 मार्च की शर्त को नियमितीकरण की प्रक्रिया में नहीं जोड़ा गया है।
प्रदेश में लगभग 650 अनुबंध अध्यापकों (टीजीटी) ने अपना पांच वर्ष का सेवाकाल जुलाई में पूरा कर लिया है। दिसंबर तक यह संख्या 3000 के आंकड़े को पार कर देगी, इसमें पीजीटी, टीजीटी, सीएंडवी, सहायक प्रोफेसर शामिल हैं। संघ को आश्वासन भी मिला है कि 31 मार्च की शर्त को नियमितीकरण की प्रक्रिया से हटाया जाएगा।
संघ के शिमला जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश चौहान, संयोजक नीरज शर्मा, महासचिव रविंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष रवि वर्मा, प्रेस सचिव राजीव ठाकुर, निरमंड ब्लाक के अध्यक्ष करतार ठाकुर, कुमारसेन के अध्यक्ष दुष्यंत शर्मा, ननखडी के अध्यक्ष नेक राम चौहान, रामपुर के अध्यक्ष दलीप कुमार, आनी के अध्यक्ष धर्म सिंह वर्मा, अजय नेगी, देवेंद्र ठाकुर, नरेश ठाकुर, ने सरकार से अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया से 31 मार्च की शर्त को हटा कर राहत देने की मांग की है।