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HP Fourlane: नौणी-भराड़ीघाट फोरलेन का निर्माण जल्द, वन मंत्रालय की अनुमति के अभाव में शुरू नहीं हो पाया कार्य

Tue, 04 Mar 2025 11:23 AM IST
Krishan Singh गोपाल शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, जुखाला (बिलासपुर)

सार

करीब एक वर्ष से यह परियोजना केंद्रीय वन मंत्रालय की अनुमति के अभाव में रुकी हुई है, लेकिन अब मंत्रालय की हरी झंडी मिलने की संभावना है।
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फोरलेन(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नौणी-भराड़ीघाट फोरलेन परियोजना के निर्माण की राह अब जल्द ही साफ होने वाली है। करीब एक वर्ष से यह परियोजना केंद्रीय वन मंत्रालय की अनुमति के अभाव में रुकी हुई है, लेकिन अब मंत्रालय की हरी झंडी मिलने की संभावना है। बीते दिनों चंडीगढ़ में क्षेत्रीय अधिकार प्राप्त समिति (आरईसी) की बैठक में परियोजना से जुड़ी वन विभाग की सभी आपत्तियों का समाधान किया गया है। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में केंद्रीय वन मंत्रालय की ओर से दर्ज करवाई गई सभी आपत्तियों पर चर्चा की गई और अब दिल्ली से इसकी अनुमति मिलने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। संभावना है कि अगले एक-दो सप्ताह में इस परियोजना को मंजूरी मिल जाएगी।

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करीब 17.5 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन परियोजना का 640 करोड़ का टेंडर मार्च 2024 में गाबर कंपनी को दिया गया था। केंद्रीय वन मंत्रालय की अनुमति न मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। एनएचएआई ने दो बार केंद्रीय वन मंत्रालय की ओर से आपत्तियां दर्ज किए जाने के कारण फ़ाइल वापस भेज दी थी, लेकिन अब इन सभी आपत्तियों का समाधान कर लिया गया है। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि नौणी-भराड़ी घाट फोरलेन परियोजना को इसी माह मंजूरी मिल जाएगी। जैसे ही अनुमति प्राप्त होगी, कार्य को तेजी से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा हमीरपुर-घुमारवीं फोरलेन और शालाघाट-तारादेवी फोरलेन परियोजनाओं के लिए सर्वे और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इन दोनों परियोजनाओं के टेंडर आगामी वित्त वर्ष 2025-26 में जारी कर दिए जाएंगे। 

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