शिमला। सनातन धर्म सभा की ओर से गंज बाजार में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित राम कथा के आठवें दिन शुक्रवार को श्रेष्ठ संत के बारे में बताया गया। कथाव्यास मानसमणि ने कहा कि श्रेष्ठ संत वही है जो गृहस्थ में रहकर भी परमात्मा के चरणों से जुड़ा रहे। जंगल में रहकर तप कर लेना अलग विषय है लेकिन संसार में रहकर भजन और तप करना श्रेष्ठ माना गया है। कथाव्यास ने कहा कि गृहस्थ आश्रम श्रेष्ठ उन्हीं का है जिन घरों में राम या कृष्ण की पूजा होती हो या गौ सेवा होती हो। सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि महिंदर मिश्रा ने भक्तों को रामचरित मानस भेंट की और मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जीवन से मिली शिक्षा को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। संवाद