भाजपा का झंडा दोरंगा है, जबकि कांग्रेस तिरंगा पर विश्वास करती है। मोदी, शाह और अनुराग इन तीनों के परिवार से देश में आजादी की लड़ाई लड़ने वाला कोई नहीं। कांग्रेस में महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तीनों ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। कांग्रेस राष्ट्रवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम के दम पर बलिदान और त्याग वाला भारती चाहती है।
भाजपा को याद रखना चाहिए कि जब कश्मीरी पंडितों को भगाया गया तो उस समय कश्मीर में जो गवर्नर थे, उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी कैबिनेट में शामिल किया। आरएसएस की शाखाओं में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जाता और न राष्ट्रीय गान गाया जाता। संघ का अपना झंडा और गान होता है, इसलिए जो लोग राष्ट्रीय तिरंगा और राष्ट्रीय गान में विश्वास नहीं रखते, वह ही देश के सबसे बड़े गद्दार हैं। भाजपा जाति, धर्म, भाषा और प्रदेश के नाम पर बांटने की कोशिश हो रही है।