अध्यक्ष इंद्रजीत बोले, तेल की कीमतें बढ़ने से रसोई पर पड़ी मार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। गैस सिलिंडर समेत पेट्रोल और डीजल की बढ़ रही कीमतों को लेकर कांग्रेस की शिमला शहरी इकाई ने सोमवार को राजधानी के सीटीओ चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। शिमला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होते ही केंद्र सरकार ने जनता पर महंगाई का बोझ लाद दिया है।
पहले व्यावसायिक गैस सिलिंडर के दाम एकसाथ एक हजार रुपये बढ़ा दिए। अब एक महीने में चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं। इसकी मार आम जनता पर पड़ी है। हिमाचल जैसे राज्य में जहां राशन समेत ज्यादातर सामान दूसरे राज्यों से आता है, वहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से मालभाड़ा बढ़ जाएगा। इसकी मार रसोई तक पड़ेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। डॉलर सौ रुपये तक पहुंच गया है। सोने की कीमतें डेढ़ लाख रुपये प्रति तोला हो गई हैं। प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि सोना मत खरीदो। कल कहेंगे कि खाना-पीना छोड़ दो। इंद्रजीत ने कहा कि पहले भी देश में ऐसे संकट आए हैं। साल 2008 में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ी थी लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी नीतियों से ऐसी स्थिति पैदा की कि इससे आम जनता पर असर नहीं पड़ा। अब हालात ऐसे हैं कि अमेरिका में जाकर पूछना पड़ रहा है कि ईरान या रूस से हम तेल खरीद सकते हैं या नहीं।