मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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छत्तीसगढ़ के रायपुर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के 85वें पूर्ण अधिवेशन के दूसरे दिन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी है। जो कांग्रेस सरकार के चुनावी वायदों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रियंका गांधी की चुनावी रणनीति के फलस्वरूप ही प्रदेश में कांग्रेस का सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त हुआ। इस छोटे से राज्य में पार्टी की जीत आगामी लोकसभा चुनावों के लिए वरदान सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार ने देश की एकता और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। यह परिवार सत्ता का भूखा नहीं है और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के साथ-साथ राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पद ग्रहण करने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी ने 18 वर्ष की आयु में मतदान का अधिकार देकर राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सहभागिता को सुनिश्चित किया। समाज की विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया। इससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ हुई।
सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास राष्ट्र के लिए बलिदानों से भरा है। भाजपा की विभाजनकारी राजनीति का जवाब देने के लिए 2024 में होने वाले लोकसभा के आम चुनाव में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर एक साथ खड़ा होना होगा। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को विधानसभा चुनाव में प्रदेश में मिली शानदार जीत के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने हाल ही में भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से लोगों में एकता और सद्भाव का संदेश देने के लिए कन्याकुमारी से लेकर श्रीनगर तक 3500 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की। राहुल गांधी ने मुख्य विपक्षी दल की जिम्मेदारी को समझते हुए भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से प्रतिशोध की राजनीति के खिलाफ आवाज उठाने और आम लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया।