विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू (फाइल फोटो)
हिमाचल सरकार की ओर से हाल ही में मानसून सत्र में मुफ्त यात्रा भत्ते में बढ़ोतरी करने के विधेयक को पारित करने को उचित ठहराने वाले नादौन के विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आयकर मामले में अलग राय है। सुक्खू ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखकर मांग की है कि वह उनका ध्यान बेहद अहम विषय की ओर आकर्षित कर रहे हैं।
प्रदेश मंत्रिमंडल और सभी विधायकों का आयकर राज्य सरकार की ओर से भरा जाता है। इसमें मंत्रियों, विधायकों को छूट भी मिलती है। सीएम से विनम्र अनुरोध है कि इस छूट को प्रदेश सरकार तत्काल प्रभाव से वापस ले।
सुक्खू ने पत्र में आगे लिखा है कि इसे वापस लेने से आम जनमानस में अच्छा संदेश जाएगा। विधायक के नाते सरकार उनके इस आग्रह पर गंभीरता से गौर करे। आयकर भरने में मिलने वाली छूट खत्म होने से जनता में मंत्रियों, विधायकों का विश्वास और बढ़ेगा। खास और आम की धारणा खत्म करने की दिशा में सराहनीय कदम माना जाएगा।
आम जनता की तरह ही जब विधायक आयकर भरेंगे तो उनकी भूमिका संदिग्ध नहीं रहेगी। जनता के मन में चुने हुए प्रतिनिधियों को लेकर बन चुकी गलत धारणा खत्म होगी। मंत्रियों, विधायकों के जीवन की पारदर्शिता बढ़ेगी। नैतिक स्तर ऊपर उठेगा। जनता के बीच गर्व से कह सकेंगे कि आयकर भरने में मिलने वाली छूट को उन्होंने छोड़ा है।
निशुल्क यात्रा भत्ता क्लेम करने पर लिया जाता है, आयकर तो देना ही होता है : सुक्खू
सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंत्रियों, विधायकों के निशुल्क यात्रा भत्ते पर पारित विधेयक का समर्थन करने पर स्पष्ट किया कि यह भत्ता तो क्लेम करने पर ही लिया जाता है। बहुत से विधायक इसे लेते ही नहीं हैं। इसलिए इसका सरकारी कोष पर नाममात्र का बोझ रहता है। ऐसे में इसे बढ़ाए जाने का औचित्य स्पष्ट होता है, मगर आयकर तो सरकारी खजाने से देना ही होता है।