रामलाल ठाकुर ने कहा कि फॉर एक्सिस एविएशन हेलीकॉप्टर सेवाएं देने वाली कंपनी को उसकी शर्तों पर काम दे दिया गया। हेलीकॉप्टर पार्क करने के लिए जो ग्राउंड दिया गया, उसका भी मेला कमेटी की ओर से कोई चार्ज नहीं लिया गया है। अन्य कारोबारियों के 10 से 15 फीट प्लॉट के भी हजारों रुपये वसूले गए। यही नहीं, महज सात मिनट की फ्लाइट का किराया कंपनी ने 2499 रुपये बताया जिसे बिना किसी मोलभाव के मान लिया गया।
ये उठाए सवाल
1. व्यापारिक गतिविधियां करने आए हेलीकॉप्टर की कंपनी से ग्राउंड का किराया क्यों नहीं वसूला गया? क्रू सदस्यों की सरकारी आवभगत क्यों की गई? सुरक्षा के लिए पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात क्यों करवाए गए?
2. अगर बिना मंजूरी के उड़ रहे हेलीकॉप्टर में कोई हादसा हो जाता तो इसकी जिम्मेवारी किसकी होती।
3. मेले का आयोजन 17 से 23 मार्च तक किया जाता है। फिर हेलीकॉप्टर 25 मार्च तक कैसे उड़ान भरता रहा।