किन्नौर से कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने सदन में विधानसभा अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरे सत्र के दौरान प्रश्नकाल में एक भी सवाल न लगने से नाराज विधायक ने सदन का अकेले वाकआउट कर दिया।
सदन से बाहर आए विधायक ने कहा कि विस अध्यक्ष जनजातीय क्षेत्रों की अनदेखी कर रहे हैं और विशेष विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है। कहा कि मानसून सत्र के दौरान जनजातीय क्षेत्र के मामलों की अनदेखी हुई है। नेगी ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष ने बोलने का मौका न देते हुए भेदभाव किया है। उन्होंने कहा था कि जनजातीय क्षेत्रों के 21 सवाल उठाए थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान विपक्ष के विधायकों के सवाल पहले लगाए जाते थे, लेकिन इस बार विपक्षी विधायकों के सवाल अंत में रखे गए। नेगी ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के अन्य विधायकों से वाकआउट करने की अपील नहीं की। कहा कि अनदेखी होने की यह लड़ाई सदन के बाहर भी जारी रहेगी।
नेगी के बहिष्कार से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल खासे नाराज दिखे। उन्होंने पहले तो नेगी के आरोपों पर सदन के अंदर ही सफाई दी। बताया कि पिछले छह सालों में कई नियमों के तहत तो कभी चर्चा भी नहीं हुई, जबकि इस सत्र में उन्होंने विपक्ष की आवाज को उठाने में मदद की।
सवालों को लेकर भी उन्होंने स्थिति स्पष्ट की। इससे पहले भी विपक्ष के विधायक चैंबर में विस अध्यक्ष से इस मुद्दे पर मिल चुके थे। मुलाकात और फिर सदन से बहिष्कार के बाद विस अध्यक्ष ने यहां तक कह दिया कि जो मर्जी हो कर सकते हैं।