कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया है। कांग्रेस नेताओं ने याद दिलाया है कि मध्य प्रदेश में उनके शासनकाल में व्यापम घोटाला हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों की संदेहास्पद परिस्थितियों में मृत्यु हुई।
राज्य योजना के अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया तथा राज्य रोजगार सृजन एवं संसाधन बोर्ड के उपाध्यक्ष हर्षवर्द्धन चौहान ने संयुक्त बयान में शिवराज सिंह की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने से पहले वह अपने गिरेबान में झांकें। उन्होंने कहा कि आज पूरे मध्य प्रदेश में भाजपा की गलत नीतियों के कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
हताश होकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोले हुए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल को पूरे देश में शांति, सौहार्द और ईमानदारी के लिए जाने जाता है। इन नेताओं ने कहा है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह प्रदेश के सबसे व्यापक जनाधार वाले सम्मानीय नेता हैं। उन्हें न तो भाजपा से और न ही शिवराज सिंह चौहान से ईमानदारी के प्रमाणपत्र लेने की जरूरत है।