प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष एवं मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि नाजायज कब्जों के लिए जिम्मेवार पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल अब कसौली मामले में खामोश क्यों हैं? उनका अब तक कोई भी बयान नहीं आया है। अकेले शांता कुमार ही जयराम सरकार के बचाव में लगे हैं।
शांता जैसे वरिष्ठ नेता को सभी पहलुओं पर बात करनी चाहिए। जयराम सरकार कसौली मामले में जवाबदेही से नहीं बच सकती है। चौहान ने प्रदेश कार्यालय राजीव भवन शिमला में पत्रकार में कहा कि इस घटना के बाद एक सवाल खड़ा होता है कि आरोपी ने तो तैश में आकर हत्या की और अगर हिमाचल में कोई प्रोफेशनल अपराधी जुर्म करके भाग जाए तो पुलिस कैसे उसे पकड़ पाएगी?
सवाल यह है कि पुलिस की मौजूदगी में हत्या कैसे हुई? पुलिस देखती रही और आरोपी भाग गया, ऐसा क्यों? पकड़े जाने के बाद आरोपी ने कबूल किया है कि वह रात को घर के साथ वाले नाले में रहा और घर भी आया। ऐसे में पुलिस ने उसे कहां खोजा? पुलिस की कैसी कांबिंग थी कि अपराधी राज्य की सीमाओं को पार करके भाग गया?
गुड़िया मामले में जनता के मन डाली गलत शंकाएं
चौहान ने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में भाजपा ने लोगों के मन में गलत शंकाएं डालीं कि इसमें कांग्रेस से संबंधित राजनीतिक लोग संलिप्त हैं। अब आठ महीने के बाद सीबीआई ने गुड़िया मामले में चिरानी को पकड़ा है। इससे साफ हो चुका है कि गलत तरीके से सत्ता हथियाने के लिए ही भाजपा ने गुड़िया मामले में कांग्रेस के बराबर में लोगों में शंका डाली।