कंडक्टर भर्ती में धांधली के आरोपों को लेकर अब चिट्ठी पर नया बवाल हो गया है। शिमला में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पत्रकारों से अनौपचारिक बात में कहा कि उन्हें भर्ती को रद्द करने के लिए मंत्रियों और विधायकों की चिट्ठी मिली थी।
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उधर, कांगड़ा में पत्रकार वार्ता कर परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि सीएम के पास ऐसी चिट्ठी है तो वे उन्हें भेजें। उन्होंने कहा कि चिट्ठी पर मंत्रियों और विधायकों के साइन फर्जी हैं। बाली ने कहा कि जिन्होंने हस्ताक्षर किए हैं, वे जल्द उन्हें वापस लें वरना पत्र मिलने के बाद दिल्ली में उनके वकील इस पत्र पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता अख्तियार करेंगे।
यदि इस पत्र में उनकी प्रतिष्ठा के खिलाफ कुछ भी पाया गया तो वे कानूनी कार्रवाई करने से भी नहीं हिचकिचाएंगे। बाली ने ये भी आरोप लगाया कि मामले को विधानसभा में उठाने वाले भाजपा विधायक महेंद्र सिंह के काम करने के तरीके को जनता जानती है। उन्होंने विधानसभा में इसका जवाब भी दिया लेकिन उनका जबाब सुने बिना वाकआउट कर दिया गया।
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फिलहाल सरकार कुछ नहीं करेगी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कंडक्टर भर्ती मामले में शीतकालीन सत्र के दौरान उन्हें विधायकों की चिट्ठी मिल गई थी, लेकिन इस मामले में फिलहाल सरकार कुछ नहीं कर सकती। यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। अब इस पर अदालत ही कोई फैसला करेगी। ऐसे में कुछ भी कहना संभव नहीं है। वे सोमवार को सचिवालय में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।
नहीं बनेंगे प्रशासनिक जिले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने साफ किया है कि कि राज्य में किसी भी नए प्रशासनिक जिले का गठन संभव नहीं है। जो धन सरकार नए जिले को बनाने में खर्च करेगी, वह उस जिले के विकास पर खर्च किया जाएगा। कांगड़ा में कांग्रेस की ओर से संगठन के लिहाज से चार जिले बनाए गए हैं। इसका कतई यह मतलब नहीं है कि सरकार भी चार प्रशासनिक जिलों में बांटने जा रही है।
पत्र में हैं इनके नाम
सुधीर शर्मा, प्रकाश चौधरी सहित अन्य मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों और विधायकों के नाम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया था। इस पर मुख्यमंत्री की ओर से जब तक निर्णय लिया जाता तब तक मामला हाईकोर्ट में चला गया। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मामला अदालत में होने के कारण कुछ भी कहना संभव नहीं है। अब इस मामले में अदालत के फैसले का सरकार इंतजार कर रही है।
ये है दावा बाली ने दावा किया कि कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया, वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल सहित विनय कुमार से उन्होंने फोन पर बात की। इन सभी ने कहा कि सीएम को भेजे गए पत्र पर उन्होंने साइन नहीं किए हैं। सर्विस सिलेक्शन बोर्ड में तो कई मंत्रियों के रिश्तेदार भी हैं तो फिर वहां भी कुछ हो रहा है?
बाली की ये सफाई
बाली ने कहा कि पहली बार परीक्षा तीसरी एजेंसी से करवाई गई। इससे पहले ऐसी प्रक्रिया में परीक्षा से लेकर साक्षात्कार कार्पोरेशन ही करवाता है। उन्होंने साफ कहा कि साक्षात्कार पारदर्शिता से हुआ है।
जिस तरह से प्रदेश की जनता को भ्रमित करवाने का प्रयास किया जा रहा है उससे तो सारे चयन के तरीके शक के दायरे में आ रहे हैं। बाली ने इशारा किया कि सर्विस सिलेक्शन बोर्ड में तो कई मंत्रियों के रिश्तेदार भी हैं तो फिर वहां भी कुछ हो रहा है?
2015 में क्या कदम उठाना है, उसका खुलासा भी जल्द किया जाएगा।
केंद्रीय विश्वविद्यालय के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसद अनुराग ठाकुर घटिया राजनीति कर रहे हैं। वह यह कह रहे कि देहरा नहीं तो मणिपुर जाएगा केंद्रीय विश्वविद्यालय। यह क्षेत्रीय राजनीतिक का प्रतीक है।
कांग्रेस क्षेत्रीय राजनीति नहीं करती। कांग्रेस पूरे प्रदेश के विकास के हक में है। उन्होंने कहा कि योजना आयोग के भंग होने से अनिश्चितता की स्थिति बनी है। योजना आयोग हिमाचल जैसे छोटे राज्यों की पैरवी करता था। भविष्य में ऐसा होगा या नहीं। इस पर संशय बना है।
बजट सत्र फरवरी में सीएम ने सीएम ने कहा कि फरवरी के आखिर में बजट सत्र शुरू किया जाएगा। मार्च तक यह सत्र चलेगा। रघुनाथ मंदिर में पहले भी चोरी हुई थी। इसके बावजूद मंदिर की ओर से कोई सतर्कता नहीं बरती गई।