शिमला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में सुनाई छह महीने के साधारण कारावास और 4.95 लाख रुपये जुर्माने की सजा के फैसले को सत्र न्यायालय शिमला ने रद्द कर दिया है। सत्र न्यायाधीश भुवनेश्वर अवस्थी की अदालत ने दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते के आधार पर सिरमौर निवासी अपीलार्थी मुख्तार अली को बरी कर दिया है। अपील की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अदालत को सूचित किया कि उनके बीच मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया है। अपीलार्थी ने कंपनी को पूरी बकाया राशि का भुगतान कर दिया है और अब कोई विवाद शेष नहीं है। संवाद