फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

HP High Court: एमबीबीएस की खाली सीटों को नहीं भरने पर चार लाख का मुआवजा अदा करने के आदेश

Fri, 14 Jul 2023 06:10 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने अटल मेडिकल विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की खाली सीटों को नहीं भरने पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने याचिकाकर्ता को एमबीबीएस में प्रवेश न देने पर राष्ट्रीय मेडिकल आयोग और अटल मेडिकल विश्वविद्यालय को दो-दो लाख रुपये मुआवजा अदा करने के आदेश दिए हैं। 
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अटल मेडिकल विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की खाली सीटों को नहीं भरने पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने याचिकाकर्ता को एमबीबीएस में प्रवेश न देने पर राष्ट्रीय मेडिकल आयोग और अटल मेडिकल विश्वविद्यालय को दो-दो लाख रुपये मुआवजा अदा करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा आयोग और विश्वविद्यालय को 10-10 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मुआवजा और कॉस्ट की राशि अदा करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता को एमबीबीएस में दाखिला देने के आदेश दिए हैं। मंडी जिले की संजना ठाकुर ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर की थी।

विज्ञापन


याचिकाकर्ता ने अटल मेडिकल विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की दो खाली सीटों को भरने की गुहार लगाई थी। अदालत के समक्ष दलील दी गई कि दो अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज पाए जाने के कारण विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की दो सीटें खाली रह गई हैं। याचिकाकर्ता ने नीट में 508 अंक प्राप्त किए हैं। जबकि 508 अंकों वाली रिया सिंह को एमबीबीएस में प्रवेश दिया गया है। अब दो सीटें खाली होने के कारण याचिकाकर्ता का प्रवेश संभव हो सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अदालत को बताया गया कि कार्तिक शर्मा और शिवानी शर्मा के फर्जी दस्तावेज पाए जाने के कारण दो सीटें खाली रह गई हैं। अदालत को बताया गया कि एमबीबीएस की दो खाली सीटों को भरने के लिए 17 जनवरी 2023 को राष्ट्रीय मेडिकल आयोग को पत्राचार किया गया था।

अदालत ने हैरानी जताते हुए कहा कि एमबीबीएस की पढ़ाई नवंबर 2022 को शुरू हो गई है और राष्ट्रीय मेडिकल आयोग और अटल मेडिकल विश्वविद्यालय ने अभी तक इस मामले में जवाब दायर नहीं किया है। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि प्रतिवादियों के इस गैर जिम्मेदाराना व्यवहार से याचिकाकर्ता को एमबीबीएस में समय पर प्रवेश नहीं मिल पाया। अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय मेडिकल आयोग ने विश्वविद्यालय ने 17 जनवरी 2023 के पत्र का जवाब 19 जून 2023 को दिया। जवाब के माध्यम से यह अवगत करवाया गया कि एमबीबीएस की प्रवेश के लिए अंतिम तिथि 29 दिसंबर 2022 थी। अब इस मामले में याचिकाकर्ता को प्रवेश नहीं दिया जा सकता है। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि यदि आयोग ने समय से जवाब दिया होता तो याचिकाकर्ता को प्रवेश मिल सकता था। अटल मेडिकल विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली के बारे में अदालत ने कहा कि उसने 17 जनवरी 2023 को आयोग को खाली सीटों के बारे में बताया। हालांकि एमबीबीएस मेें प्रवेश 29 दिसंबर 2022 थी। आयोग और विश्वविद्यालय के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण याचिकाकर्ता को एमबीबीएस में दाखिला नहीं दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

सीर खड्ड से कचरा हटाने की रिपोर्ट फोटो के साथ तलब

 प्रदेश हाईकोर्ट ने घुमारवीं की सीर खड्ड के कचरे की अवैध डंपिंग पर संज्ञान लिया है। अदालत ने नगर पंचायत घुमारवी को इसे हटाने के आदेश दिए हैं और फोटो सहित रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 24 जुलाई को निर्धारित की है। स्थानीय निवासी विक्रम सिंह ने जनहित में याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत घुमारवी वर्ष 2021 से सीर खड्ड के किनारे कचरे की अवैध डंपिंग कर रही है।

याचिकाकर्ता और स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत डीसी बिलासपुर, राज्य सरकार और नगर पंचायत को की थी। लेकिन अभी तक इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अदालत को बताया गया कि नगर पंचायत ठोस कचरा नियंत्रण 2016 के नियमों का उल्लंघन कर रही है। इन नियमों के अनुसार किसी भी जल स्रोत के आस पास कचने की डंपिंग नहीं की जा सकती है। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद नगर पंचायत ने कचरा हटाना शुरू कर दिया है। याचिकाकर्ता ने नगर पंचायत घुमारवी के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें