उत्तर रेलवे की ओर से किसानों की भूमि अधिग्रहण कर मुआवजा लटकाने के मामले में रेलवे स्टेशन चुरडू की संपत्ति का ब्योरा एडीजे की अदालत में दाखिल कर दिया गया है।
कोर्ट के तीन दिन में रेलवे स्टेशन की अचल संपत्ति का ब्योरा मांगने पर किसानों की ओर से अधिवक्ता अरुण कुमार सैणी ने शुक्रवार को इसे दाखिल किया।
अब कोर्ट के आदेशों के मुताबिक रेलवे ने समयानुसार अदायगी की तो दो मई को रेलवे स्टेशन जब्त करने की इजाजत मांगी जाएगी। अधिवक्ता के मुताबिक जन शताब्दी रोकने से आम लोगों को होने वाली परेशानी की आशंका के चलते अदालत से अन्य अचल संपत्तियों को अटैच करने की दरख्वास्त लगाई थी।
ऊना से अंब रेललाइन के बीच स्थापित चुरडू (चुरारु) रेलवे स्टेशन की संपत्ति का ब्योरा कोर्ट में दाखिल किया है। अदालत ने रेलवे को दो मई तक समय दिया है। गत दिवस अदालत ने ऊना आने वाली जन शताब्दी ट्रेन को रोकने के आदेश दिए थे।
अदालत के कर्मी रेलवे स्टेशन पहुंचे। रेलवे की ओर से मुआवजे का ड्राफ्ट दिखाने पर दोनों पक्षों में आपसी सहमति से मामला ठंडा पड़ गया। ड्राफ्ट हाईकोर्ट के माध्यम से जमा करवाने पर किसानों ने आपत्ति जताई थी। इसका संज्ञान लेते हुए एडीजे की अदालत ने रेलवे की अन्य संपत्तियों का ब्योरा तलब किया।