उन्होंने केरल में इस संबंध में अपेक्स कोर्ट की ओर से जारी किए गए आदेशों से भी अवगत करवाया। इस पर सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल दौलत सिंह ने इस पर आयोग में शिकायत की और दलील दी कि बेशक यह बैंक एक सोसाइटी है, मगर इसे सरकार की ओर से पारित कानून से नियंत्रित किया जाता है।
किसी भी राज्य की ओर से अपनाई गई, नियंत्रित की गई और पर्याप्त रूप से वित्तपोषित की गई कोई भी इकाई आरटीआई एक्ट के दायरे में आती है। आयोग ने शिकायतकर्ता की इस शिकायत का निपटारा करते हुए उन्हें आरटीआई में 15 दिन के भीतर सूचना देने के आदेश जारी किए।
आयोग ने कहा कि अगर बताया गया खाता एनपीए है तो इसके बारे में सूचना दे दी जाए। एनपीए की जानकारी सार्वजनिक करना जनहित का मामला है।